कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मृत्युशय्येवर .... | विश्वेश | 3 | |
| देवा ... | विश्वेश | 2 | |
| मज आठवता मग | निनाव | 3 | |
| एकविसाव्या शतकातली कहाणी | कोमल | 14 | |
| सराईत | अर्धवट | 10 | |
| त्रिवेणी - पहीला प्रयत्न | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 12 | |
| समर्थ रामदासांनी वन-बागा निर्मितीसाठी केलेले काव्य... | शशिकांत ओक | 9 | |
| जिद्द जगण्याची | निनाव | 2 | |
| मज काय भाळी उमगेना ... | विश्वेश | 2 | |
| मज काय भाळी उमगेना ... | विश्वेश | 0 | |
| गाभार्यातील शिव शंभो ..!! | प्रकाश१११ | 9 | |
| नावं | सोनल कर्णिक वायकुळ | 19 | |
| बाराची गाडीबी गेली | पाषाणभेद | 2 | |
| वेध | गुड्डु | 4 | |
| कां? | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 8 | |
| हरवलेली डायरी... | निनाव | 8 | |
| ते झाड.. | निनाव | 3 | |
| साम्य | चित्रा | 10 | |
| माझी गाव भेट | निनाव | 6 | |
| मजनु आणि बाग... | चिगो | 2 |