कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| व्यापार | क्रान्ति | 11 | |
| कोण येथे गुरुवर्य ? | गणेशा | 9 | |
| त्रैराशिक .... | विश्वेश | 5 | |
| पांढरा किडा | गंगाधर मुटे | 10 | |
| टाळती मजला अताशा हाय! माझी माणसे | प्राजु | 42 | |
| इतकी सुंदर तु दिसते कशी ??? | पिनुपवार | 11 | |
| किती वेळ | सोनल कर्णिक वायकुळ | 14 | |
| नेहमीसारखेच - ७ | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 7 | |
| कविता ...!! | प्रकाश१११ | 5 | |
| आज नव्याने | विश्वेश | 4 | |
| असेच काही | निनाव | 4 | |
| ओले परीस... | स्वानंद मारुलकर | 4 | |
| माझा महाराष्ट्र महाराष्ट्र माझा | श्री गावसेना प्रमुख | 1 | |
| प्रेम म्हणजे नक्की काय असतं ?.... | हर्षद प्रभुदेसाई | 1 | |
| रोज कौतुकात दंग बायको जरी , | विदेश | 5 | |
| रंगताना रंगामध्ये | गंगाधर मुटे | 2 | |
| चित्त रमले हरिपायी .... | विश्वेश | 1 | |
| वय | शुचि | 32 | |
| प्रलय | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 14 | |
| स्वप्नसखी | अनंत भावे | 2 |