कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| भेट घ्यायची ओढ लागली | पाषाणभेद | 5 | |
| मी? - एक मासा! | निनाव | 8 | |
| जिंदगी क्या राज ही ? | बन्या बापु | 3 | |
| प्रेरणा (शिर्षक बदल). | निनाव | 10 | |
| शेतकरी गीत: शेतात आंतरपीक आपण करू | पाषाणभेद | 4 | |
| काय वाटल असेल माझ्या जीवाला........... | शिल्पा कांबळे | 7 | |
| कठीण आहे कधी कधी | निनाव | 4 | |
| समुद्र भरल्या डोळ्यांनी | तीन फुल्या तीन बदाम | 4 | |
| गारूड्याचा नागूबा मस्ती करतोय रं | पाषाणभेद | 18 | |
| कविता माझी | निनाव | 7 | |
| फोडली तिजोरी - लुटला सर्व ठेवा - | विदेश | 2 | |
| दूर वाट अशी ही छळणारी | निनाव | 2 | |
| कार्ट्यांस... | नगरीनिरंजन | 12 | |
| पाऊस माझा | नगरीनिरंजन | 13 | |
| आकुंचन | निनाव | 4 | |
| कृष्ण | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 31 | |
| धंद्याची स्वप्ने बघणारा ..!! | प्रकाश१११ | 15 | |
| मिठीतली रात्र | निनाव | 9 | |
| एकलाच (ओवी-गीत-गझल-कविता) | गणेशा | 7 | |
| .... प्रेम कर!! | प्राजु | 26 |