कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सूर्यास्त | सोनल कर्णिक वायकुळ | 2 | |
| तुझी आठवण येते.... | हर्षद प्रभुदेसाई | 0 | |
| एक संध्याकाळ अशी.... | हर्षद प्रभुदेसाई | 0 | |
| खेळ काळाचा.... | हर्षद प्रभुदेसाई | 1 | |
| किल्ली हरविली | अरुण मनोहर | 4 | |
| सुख | सोनल कर्णिक वायकुळ | 4 | |
| चोरून चोरून, हो ना? | उदय के'सागर | 8 | |
| मणीपुर - दहशतीच्या छायेत. | विश्वास कल्याणकर | 1 | |
| वाडा | पाषाणभेद | 5 | |
| आले आले आमचे स्वामी बाबा आले | पाषाणभेद | 7 | |
| सुखाचा शोध | ajay wankhede | 7 | |
| आला पहा कवी तो - | विदेश | 7 | |
| तुम्ही गोळी बघितलीय गोळी? | पाषाणभेद | 12 | |
| हे कधी बदलणार? | उदय के'सागर | 11 | |
| [काल रात्री ] | निनाद | 3 | |
| आयुश्याचं गणित... | झंम्प्या | 4 | |
| काल रात्री | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 20 | |
| बोल ना रे बाबा काही ..४ ( समाप्त ) | गणेशा | 7 | |
| चष्मा असुनी दिसले नाही - | विदेश | 0 | |
| गीत | क्रान्ति | 8 |