कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आज पहाटे | विश्वेश | 4 | |
| घाव | प्यारे१ | 9 | |
| स्पंदन | अज्ञातकुल | 2 | |
| भंगलेल्या मनाचा अभंग ..२ | चन्द्रशेखर गोखले | 3 | |
| मन | सामान्य वाचक | 3 | |
| साडे माडे.... | केशवसुमार | 12 | |
| मुन्नी बदनाम हुई | JAGOMOHANPYARE | 4 | |
| झाडे | सामान्य वाचक | 7 | |
| भंगलेल्या मनाचा अभंग | चन्द्रशेखर गोखले | 4 | |
| .टिंब. | विजुभाऊ | 4 | |
| आता नाही ... | विश्वेश | 1 | |
| एक राधा, एक मीरा | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 8 | |
| प्रवाही | अज्ञातकुल | 1 | |
| चिंब | अज्ञातकुल | 7 | |
| विदेही | अज्ञातकुल | 1 | |
| काँग्रेसची आरती-अर्थात काँग्रेसचा बेंडबाजा | अत्रुप्त आत्मा | 24 | |
| टू जी | मूखदूर्बळ | 1 | |
| राजाच्याजवळी अधिकार कसले... | ऋषिकेश | 4 | |
| वळवळ केवळ | विसुनाना | 9 | |
| रामदेव बाबा हो रामदेव बाबा | अत्रुप्त आत्मा | 5 |