कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| अस्साच आहे तो! | निनाव | 1 | |
| अंगडाई घेतेस तु जेंव्हा | निनाव | 1 | |
| नव्या यमांची नवीन भाषा | गंगाधर मुटे | 4 | |
| हत्तीदादा हत्तीदादा - | विदेश | 5 | |
| तुझे येणे | निनाव | 3 | |
| सुटले हात | निनाव | 1 | |
| कृतघ्न! | स्वैर परी | 2 | |
| डॉक्टर | अवलिया | 20 | |
| नेहमीसारखेच - ४ | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 5 | |
| पैलतीर ... | विश्वेश | 1 | |
| दुखात सुखाची धून असते ..!! | प्रकाश१११ | 5 | |
| आलो असा मी नजरेत | निनाव | 2 | |
| खाटिक | अवलिया | 25 | |
| उठवू नका मज आता | निनाव | 4 | |
| नेहमीसारखेच - ३ | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 5 | |
| सर... | झंम्प्या | 2 | |
| आई .. मिटलेला श्वास.. (संपुर्ण) | गणेशा | 11 | |
| स्त्री सूक्त | योगप्रभू | 15 | |
| स्त्री | गणेशा | 4 | |
| स्त्री सूक्त | योगप्रभू | 0 |