कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| देऊनी स्वप्ने विझल्या गात्री | विजुभाऊ | 9 | |
| " बघ तुला माझी आठवण येते का ? " | सुहास.. | 18 | |
| अक्षय धन | निरन्जन वहालेकर | 1 | |
| कुंडलीने घात केला | गंगाधर मुटे | 8 | |
| रानवाटा शोधतांना | पाषाणभेद | 8 | |
| जेजूरी गडावर नांदे मल्हारी | पाषाणभेद | 1 | |
| हा दारूच्या 'फुल'पात्रांचा दोष असावा | केशवसुमार | 2 | |
| गण: वंदन करीतो गजाननास | पाषाणभेद | 0 | |
| सामर्थ्यवान | चिंगुसविकॄतजोशी | 2 | |
| लख्ख | अर्धवट | 7 | |
| हा आयटिच्या सर्व मुलांचा दोष असावा | केशवसुमार | 6 | |
| (चटेपटेरी चड्डीचा हा दोष असावा) | राजेश घासकडवी | 6 | |
| वाटते बोलायचे राहून गेले | डॉ.कैलास | 1 | |
| (हा रात्रीच्या जागरणाचा दोष असावा) | चतुरंग | 13 | |
| शेवटी | डॉ.कैलास | 3 | |
| हा शब्दांच्या गुणसुत्रांचा दोष असावा | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 13 | |
| आभाळमाया | दत्ता काळे | 5 | |
| पाऊस... | वैभव देशमुख | 2 | |
| तरंग | अवलिया | 31 | |
| अधुरा चंद्र | रुपेश कुलकर्णी | 1 |