कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| संक्रांति ऋतू परिवर्तन | विवेकपटाईत | 2 | |
| एक कप चहा...! | jaypal | 10 | |
| मनास गंध स्पर्शता... | आनंदमयी | 11 | |
| पारा | drsunilahirrao | 7 | |
| मन अंतर्मन | अज्ञातकुल | 1 | |
| तुझी 'माया'च बाकी ....... | psajid | 3 | |
| चारोळी: तीळ अन् गुळाची नाती !! | निमिष सोनार | 1 | |
| सैनिक | अमेय६३७७ | 4 | |
| कस्टर्ड ड्रॅगन (Translated Poem) | शुचि | 9 | |
| प्रीत खुळी | अज्ञातकुल | 4 | |
| घन टमी.. | तिमा | 28 | |
| अपेक्षा | मि मिपाचा मित्रच | 1 | |
| काळजातली धग विझु देउ नकोस....... | पंडित मयुरेश नागेश्वरम देशपांडे | 7 | |
| नविनच | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 19 | |
| क्षण | चाणक्य | 9 | |
| सावळ्या तुझ्याविना... | आनंदमयी | 31 | |
| माझी मिठि अद्याप खुली आहे.......... | पंडित मयुरेश नागेश्वरम देशपांडे | 41 | |
| पंजा माझा | मंदार दिलीप जोशी | 20 | |
| नवे देव आणि त्यान्चे नवे भाव | शेखरमोघे | 1 | |
| सामान्य | डॉ सुहास म्हात्रे | 19 |