कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ऐक सखे | अमेय६३७७ | 17 | |
| बेधुंद मनीचे बोल... | आनंदमयी | 5 | |
| मडकी | सोनल कर्णिक वायकुळ | 9 | |
| खळबळ | अज्ञातकुल | 10 | |
| गूज | अमेय६३७७ | 13 | |
| विचार | अमोल मेंढे | 2 | |
| अरूप | सागरलहरी | 12 | |
| हझल | विदेश | 0 | |
| ~~~ तुझीच मी ~~~ | प्रिया ब | 2 | |
| बरं झालं मी नोकरी करतो | चाणक्य | 16 | |
| उगवलास तू भास्करा | वडापाव | 0 | |
| हे....त्तिच्या बहीन | अमोल मेंढे | 20 | |
| 'निरोप' | अमेय६३७७ | 2 | |
| चाहूल एका सृजनाची | BONGALE SANTOSH SHAHU | 0 | |
| फुंकर | अज्ञातकुल | 0 | |
| भूकंप....! | psajid | 8 | |
| आठवण | वडापाव | 1 | |
| तू आलीस त्याला सोडून | दिपक.कुवेत | 7 | |
| झुंजु मुंजू | अज्ञातकुल | 2 | |
| भाकरीचा चंद्र .... | psajid | 2 |