कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आनंदाने स्वीकारेन मी | फुंटी | 5 | |
| सुखाच्या शोधात..... | गजानन५९ | 7 | |
| हायकू - | विदेश | 4 | |
| आज पुन्हा रोमांचित लेखणी थरथरली …. | घन निल | 2 | |
| भांडणानंतर... | चाणक्य | 23 | |
| तुझे एकेक विचार....... | psajid | 0 | |
| तेंव्हा आणि आता ... | माशा | 2 | |
| "बाई गेली" | अमेय६३७७ | 51 | |
| तू...!!!!!!!!!!!!! | पल्लवी मिंड | 1 | |
| घोटाळा | अज्ञातकुल | 0 | |
| दुनियादारी REMIX | विअर्ड विक्स | 1 | |
| ओढ | विअर्ड विक्स | 2 | |
| सरत चालली रात | आनंदमयी | 4 | |
| दाटून मेघ येता | आनंदमयी | 9 | |
| प्रथमच एक गझल लिहण्याचा प्रयत्न केला आहे. | psajid | 19 | |
| झोपेत वर्गात येणे, अन येऊन पुन्हा झोपणे (विडंबन) | पल्लवी मिंड | 12 | |
| तू …. ! | BONGALE SANTOSH SHAHU | 1 | |
| आजकाल हे असे आहे... | निमिष सोनार | 2 | |
| आज 'तो' राहिला नाही | आनंदमयी | 6 | |
| मी.... | घन निल | 2 |