कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| "स्वामी तिन्ही जगाचा" | Bhagwanta Wayal | 2 | |
| भ्रांत....? | psajid | 1 | |
| वेगळी आहे | कैलास गायकवाड | 9 | |
| स्वप्न | पद्मश्री चित्रे | 5 | |
| कृष्णलीला.. | किसन शिंदे | 10 | |
| सुदामा | सार्थबोध | 1 | |
| अजाणता | अज्ञातकुल | 2 | |
| राधेचा कन्हैया - | विदेश | 0 | |
| मोर पंखी कावळा | विवेकपटाईत | 2 | |
| कृष्ण नाही गोकुळी | जुईचे फूल | 7 | |
| ज्योती | kalpana joshi | 0 | |
| गुलाब | kalpana joshi | 3 | |
| आई | kalpana joshi | 4 | |
| बाबा | kalpana joshi | 4 | |
| पुन्हा अनोळखी होऊ .... !! | psajid | 7 | |
| तुही नाही मीही नाही …………. !!! | फिझा | 5 | |
| एक आगळी वेगळी पाऊस कविता | जुईचे फूल | 11 | |
| मनकवडी | अज्ञातकुल | 5 | |
| तु फक्त एकदा हो म्हण... | K Sangeeta | 26 | |
| .....आणि बाकी शून्यात ...........!! | psajid | 6 |