कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कल्लोळ..!! | राघव | 13 | |
| झिम्माड पाउस... | K Sangeeta | 2 | |
| सरडा आणि इतर क्षणिका | विवेकपटाईत | 0 | |
| " किती अडवू मी अडवू कुणाला ... (विडंबन) | विदेश | 10 | |
| निरोप | यशोधरा | 21 | |
| चला वळून वज्रमूठ, दुष्टवृत्ति दंडु या | नरेंद्र गोळे | 12 | |
| सार्थक | अज्ञातकुल | 1 | |
| फरपट | जुईचे फूल | 9 | |
| गणराया | kalpana joshi | 0 | |
| प्रेम | मयुरपिंपळे | 17 | |
| मूक आक्रोश | किसन शिंदे | 9 | |
| आई-बाप; आई-बाप म्हणजे नक्की काय असतं? | सार्थबोध | 5 | |
| अर्धांग | तिमा | 16 | |
| उसवला शर्ट नवीन पुन्हा – | विदेश | 1 | |
| पुन्हा अनोळखी होऊ .....!! | psajid | 0 | |
| मोरया मोरया (चेन्नई एक्सप्रेस इश्टाईल) | वेल्लाभट | 2 | |
| ध्यासबावळी | अज्ञातकुल | 5 | |
| " दु:खा " | कैलास गायकवाड | 7 | |
| प्रेम म्हणजे... | K Sangeeta | 1 | |
| उरेल काही उणे उणे | सागरलहरी | 0 |