कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ओढ | psajid | 4 | |
| संत मीराबाईची विराणी | आयुर्हित | 7 | |
| पांडुरंग | आतिवास | 28 | |
| अमेठीची शेती | गंगाधर मुटे | 19 | |
| 'अद्वैत' | drsunilahirrao | 2 | |
| चांदणचकवा | पद्मश्री चित्रे | 20 | |
| नाटक... | psajid | 5 | |
| मदगन्ध | अज्ञातकुल | 1 | |
| द्विभाषिक क्षणिका/ चश्मा /उम्मीद | विवेकपटाईत | 9 | |
| पांढर धुकं काळ धुकं | विवेकपटाईत | 19 | |
| रानपाखरं.......! | psajid | 7 | |
| <<<< उपकृमी वाढे खात्यात >>> | सुहास.. | 15 | |
| रसिका | अज्ञातकुल | 4 | |
| पाऊले चालती ठाकुर्लीची वाट | धन्या | 31 | |
| "परिस्थिती" | अमेय६३७७ | 13 | |
| आपल्याला सगळं कसं,साधं सोपं पाहिजे … | घन निल | 2 | |
| बंधने | अज्ञातकुल | 2 | |
| समुद्र......!! | फिझा | 7 | |
| कॉफीचं कॅथार्सिस अर्थात चिडचिड-ए-सोमवार | आदूबाळ | 29 | |
| निरलस | अज्ञातकुल | 4 |