कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सखे ठोठावते आहेस कुठले दार देहाचे? | ॐकार | 9 | |
| मराठी शाळेचे भारुड | विनायक प्रभू | 18 | |
| एक भावगीत | रामदास | 25 | |
| या पाखरांस आता--- | पुष्कराज | 2 | |
| कुणाच्या ह्या वेणा | नीधप | 28 | |
| प्रेमदिनाची पूर्वसंध्या | जयवी | 11 | |
| व्हॅलेंटाईनच्या निमीत्ताने | मूखदूर्बळ | 7 | |
| दुधवाच्या जंगलात मी एक जिवंत वाघ पाहिला | माझी दुनिया | 9 | |
| -गणेश स्तवन- | अनिरुद्धशेटे | 2 | |
| कशी येशील कोंदणी??...(व्हॅलेंटाईन डे स्पेशल) | चतुरंग | 24 | |
| कधी येशील कोंदणी??... (खास व्हॅलेंटाईन डे साठी) | प्राजु | 45 | |
| सजनासाठी... | अंकुश चव्हाण | 0 | |
| सुख पुढे वाटे.... | संध्यानंदन | 0 | |
| आनंद शोधतांना..! | राघव | 12 | |
| गाव... | बिपिन कार्यकर्ते | 47 | |
| (गंधांच्या उलाढाली) | चतुरंग | 2 | |
| अटी शर्थी लागु | सुचेता | 5 | |
| अमृतराय झोपडीत का गेला? | चतुरंग | 19 | |
| एक वेडी आशा | ज्ञानदा कुलकर्णी | 2 | |
| घेतली ओठात आम्ही | परिकथेतील राजकुमार | 6 |