कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| वाढदिवस -२ | केशवसुमार | 10 | |
| गमक-२ | केशवसुमार | 2 | |
| (उशिराने आलेलं) शहाणपण..... | उदय सप्रे | 2 | |
| दुरावा | जयवी | 13 | |
| (दाढदिवस) | रेवती | 48 | |
| ('वाढ'दिवस) | चतुरंग | 25 | |
| तुझ्या विना ... | विशाल कुलकर्णी | 14 | |
| अहो पाव्हनं, अंमळ घ्या विसावा , | सागरलहरी | 5 | |
| गेले आडवे मांजर! | मानस६ | 2 | |
| शनिवारचा ऊतारा.. अजुन एक दुविधा | हर्षद आनंदी | 0 | |
| शनिवारचा उतारा - दुविधा | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 11 | |
| बुधवारची कविता : (खवट) | llपुण्याचे पेशवेll | 16 | |
| <सवयीने मंद > | विजुभाऊ | 4 | |
| सात .... | विशाल कुलकर्णी | 8 | |
| रात्र मिलनाची ... ! | विशाल कुलकर्णी | 8 | |
| कधीतरी | नेहमी आनंदी | 3 | |
| (सवयीने मंद) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 15 | |
| निरंजन | दमनक | 2 | |
| जगलो जरी मी खुप. | टुकुल | 2 | |
| [मूल ते मा़झेच होते] | अमृतांजन | 3 |